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शनिवार, 16 अप्रैल 2016

अरे!अब तो मत छिपाओ, उजले कफन से ढक कर (गजल)

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किस गम के गीत गाऐं ,किसको वयाँ करें। शिकवों का जाम आखिर ,कब तक पिया करें।। ये है यकीं कि खाक से ,मोती  नहीं निकलते, पर खाक भी न छानें, ...
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